ज़िन्दगी A Journey of Emotions – रजनीश गुप्ता, ISBN: 978-93-86653-24-6 प्रथम संस्करण: 2017, Cyberwit.net

ज़िन्दगी A Journey of Emotions – रजनीश गुप्ता, ISBN: 978-93-86653-24-6 प्रथम संस्करण: 2017, Cyberwit.net

ज़िन्दगी A Journey of Emotions – रजनीश गुप्ता, ISBN: 978-93-86653-24-6 प्रथम संस्करण: 2017, Cyberwit.net

प्रत्येक व्यक्ति प्रेम को अपने विशिष्ट दृष्टिकोण के अनुरूप परिभाषित करने का प्रयास करता है इसलिए हर व्यक्ति के लिए इसका अर्थ अलग हो सकता है. प्रस्तुत काव्य संग्रह में कवि ने प्रेम को कुछ कविताओं के माध्यम से परिभाषित करने की कोशिश की है और कुछ अन्य कविताओं में समाज के विभिन्न् पहलुओं को भी उजागर किया है. इ

Amazon USA       Amazon India

ज़िन्दगी A Journey of Emotions – रजनीश गुप्ता, ISBN: 978-93-81696-71-2 प्रथम संस्करण: 2017, Cyberwit.net

प्रत्येक व्यक्ति प्रेम को अपने विशिष्ट दृष्टिकोण के अनुरूप परिभाषित करने का प्रयास करता है इसलिए हर व्यक्ति के लिए इसका अर्थ अलग हो सकता है. प्रस्तुत काव्य संग्रह में कवि ने प्रेम को कुछ कविताओं के माध्यम से परिभाषित करने की कोशिश की है और कुछ अन्य कविताओं में समाज के विभिन्न् पहलुओं को भी उजागर किया है. इन्होंने प्रेम को नन्हीं-नन्हीं कविताओं में भी रोचक बना दिया है.

क्या है इश्क़…

जिसने कभी भी इश्क़ किया हो,
उससे पूछो क्या है इश्क़…

दिल तो सबके पास है लेकिन,
धड़कन देता है यह इश्क़…

जीवन तो सबके पास है लेकिन,
साँसें देता है यह इश्क़…

कवि ने इस काव्य संग्रह में अपने आस-पास मौजूद जन सामान्य और मामूली चीज़ों को सफलतापूर्वक काव्यात्मक रूप प्रदान किया है. इनकी कविताएँ सहज और सरल हैं और जनजीवन की विडंबनाओं को हमारे सामने रखती हैं. इसका एक उदाहरण “दो सौ रुपए” कविता है.

काफी मोल भाव हुआ,
तब कहीं जाके दिहाड़ी तय हुई…
पूरे दिन के पसीने की कीमत,
बड़ी मुश्किल से दो सौ रूपए तय हुई…

काम में तो लगा वो लेकिन,
ध्यान कहीँ और ही था…
दो सौ रूपए से क्या-क्या करेगा,
यही सोचके उसका मन विभोर था…

इनकी कविताएँ देश भक्ति की भावना से भी ओत-प्रोत हैं इसका एक उदाहरण “घर आने में कुछ दिन हैं” कविता है.

आज शाम से दिल में,
कुछ अजीब हो रहा है…
एक दोस्त गया था जंग में,
कहते हैं शहीद हो गया है…
साहब आये थे यह बताने,
कल मुझे जंग में जाना है,
देश की सेवा का मौका,
लगता है अब आ गया है….

इनकी पहली कविता “ज़िंदगी” में ज़िंदगी के हर रंग – खुशी, गम, दर्द, तन्हाई को बड़ी खूबसूरती से व्यक्त किया गया है. इनकी एक अन्य कविता “तीन प्रश्न” एक ऐसी कविता है जिसमें जीवन के सत्य के बारे में बड़ी ही सुंदरता से चर्चा की गयी है जो पाठको को बहुत अधिक प्रभावित करती है. इनकी कविता “दीवाली का दिन” में कवि अपने बचपन की दीवाली को याद करता है और आज उसी तरह से दीवाली को न मना पाने का अफ़सोस भी व्यक्त करता है.

मैं पाठकों से अनुरोध करती हूँ कि आप इनकी कविताओं को पढ़ेंगे तो आपको यह प्रतीत होगा कि आपने भी अपने जीवन में इन घटनाओं को अनुभव किया है इसलिए इनकी कविताओं को अवश्य पढ़ें आपको निराशा नहीं होगी.

-रूचि अग्रवाल, डिजिटल मैनेजर, साइबरविट, सिंगापुर